बल्लारपुर( रमेश निषाद)
👉 भारतीय संस्कृति में नवरात्रि Navratri में देवी की पूजा की जाती है. आज के युग में नारी शक्ति को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. नारी एक गृहिणी होने के साथ ही सशक्त रूप में सत्ता भी चला सकती है. कभी नम्र तो कभी कठोर बनकर देश की सेवा करती है. नारी के 9 रूप है उनके इस नौ रूपों को देवी का रूप माना जाता है नवरात्रि की पूजा में कुमारी कन्या के पूजन का विधान शास्त्रों में बताया गया है। यह पूजन कन्याओं का महत्व समझने तथा उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का प्रतीक है. श्रीमद्देवीभागवत के अनुसार, कन्या के पूजन से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। दो वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्या के पूजन का विधान है। प्रतिदिन एक कन्या का पूजन किया जा सकता है या सामर्थ्य के अनुसार तिथिवार संख्या के अनुसार कन्या की पूजा भी की जा सकती है. Kanya Pujan
👉श्री संत गजानन महाराज gajanan maharaj भक्त मंडल की ओर से नवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया. नवरात्रि पर्व पर श्री संत गजानन महाराज भक्त मंडल की ओर से स्थानीय श्रमिक वर्ग की नौ कुंआरी कन्याओं का पदपूजन किया गया, जिसमें सभी कन्या के पद पूजन कर उन्हें देवी श्रृंगार का पूरा सेट प्रदान किया गया. कन्याओं में इसे लेकर खुशी देखते ही बनती थी. स्कूली सामग्री वितरण के साथ पूरे परिसर में प्रसाद के रूप में विभिन्न खाद्य सामग्री का वितरण किया गया.इस अवसर पर शिला चंडाले, मीना चौधरी, पूनम आर्य, वर्षा सूंचूवार, ममता ताजणे, कल्पना वैरागडे, माया यादव, श्वेता काळे, भावना येल्लावार, नंदा मेश्राम, पूर्णिमा कोतपल्लीवार, सविता भोयर, श्रध्दा चव्हाण, अलका कोलटकर, संध्या विघ्नेश्वर, शुभांगी तिडके, शिला कठाने, संतोष धोटे, कुलदीप सूंचूवार, मानव वनपट्टीवार आदि ने इस कार्यक्रम के आयोजन की पहल की.इस अनूठे कार्यक्रम के चलते पूरा परिसर देवी भक्तिमय होकर अत्यंत भावुक हो गया. Unique message
आर्थिक मजबूरी के चलते स्कूल जाने में असमर्थ कन्याओं की खोज कर उन्हें सम्पूर्ण स्कूली सामग्री उपलब्ध् कराकर उन्हें स्कूल प्रवाह में लाने के लिए प्रेरित किया गया साथ उनके अभिभावकों का समुपदेशन किया गया. समाज की जरूरतमंद लडकियों को शिक्षण के प्रति जागृत करने का काम श्री संत गजानन महाराज भक्त मडल की ओर से किया जा रहा है ।

